मनोगत

पत्रकारिता को जल्दी में लिखा गया साहित्य कहने का चलन है। पत्रकार की कलम से निकले शब्दों को साहित्य की कोटि में रखना अनेक लोगों को इसलिये नहीं भाता क्योंकि उसकी उम्र बहुत कम होती है। लेकिन ऐसे भी उदाहरण हैं जब पत्रकार की कलम ने जिन शब्दों का संयो...Read More

संवाद

आवरण कथा, 2020-07-10

मीडिया ’मेड इन चाइना’

22 जून को एक लाइव टीवी डिबेट के दौरान सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल शंकर प्रसाद ने भारतीय सूचना-तंत्र पर कटाक्ष करते हुए एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उनके अनुसार सेना और सरकार के आधिकारिक बयान के ...

विमर्श, 2020-07-10

दृश्य परंपरा और इतिहास

कलाएं अपने समय, अपने समाज की मुखर दस्तावेज होती हैं। विधि, माध्यम, रुप-स्वरुप और निर्माण के पीछे संस्कृति के प्रवाह को समेटे कलाएं किसी सभ्यता का सच्चा इ...

जम्मू कश्मीर, 2020-06-01

मौसम-समाचार का नया हथियार

सूचनाएं हमेशा से हथियार के रूप में काम करती रही हैं, इसके अनेक उदाहरण मिलते हैं। समाचार भी हथियारों की तरह उपयोग में लाए जाते रहे हैं, इसके भी अनेक उदाहरण...

लोक संवाद, 2020-06-01

कोरोना काल में उत्सवधर्मी समाज का लोकसंवाद

भारत के वाचाल समाज ने हमेशा ही दुनिया के तमाम संकटों में एक नई दृष्टि के साथ समाधान की बात कही है। भारत में यह काम हमेशा ही लोकसंवाद के...

ग्लोबल मीडिया, 2020-07-10

मीडिया के चीनी मिशन


हालिया वर्षों में अमेरिका और चीन के संबंध बेहद तनावपूर्ण रहे हैं। बात चाहे ट्रेड वॉर की हो, या उईगर मुस्लिम उत्पीड़न और हांगकांग में चीन के बढ़ते अतिक्रमण पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का आ...

व्यक्तित्व, 2020-05-08

पत्रकारिता के प्रकाशपुंज बाबूराव विष्णु पराड़कर

भारत में पत्रकारिता का उदभव ही राष्ट्रव्यापी पुनर्जागरण और समाज कल्याण के उद्देश्य से हुआ था। महात्मा गांधी, बाबूराव विष्णु पराड़कर, गणेश शंकर विद्या...

शब्दावली, 2020-07-10

कीबोर्ड करेज

डिजिटल होती दुनिया में कीबोर्ड करेज एक ऐसी टर्म है, जिसने कम्प्यूटर एवं इंटरनेट उपयोग करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को प्रभावित किया है। इसके बावजूद सीम...